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नवंबर, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

THE TRUTH ABOUT DENTAL SENSITIVITY

THE TRUTH ABOUT DENTAL SENSITIVITY! दांतो में सेंसिटिविटी क्यों होती है? कुछ भी ठंडा,गरम या मीठा खाने पर दांतो में तेज़ झनझनाहट होना डेंटल सेंसिटिविटी कहलाता है  दांतो की झनझनाहट यानी की डेंटल सेंसिटिविटी के बारे में तो हम सब अच्छे से जानते है और कभी ना कभी हमारे जीवन में हम सबने इसे अवश्य महसूस किया है,परन्तु यदि इसके कारणों के बारे में सोचा जाए तो हम सब की अलग अलग राय है जो काफी संदेह पैदा करता है कि आखिरकार दांतो में झनझनाहट क्यों होती है? टेलीविजन पर आने वाले अधिकतर विज्ञापन आपको यह जानकारी देते है की दांतो की झनझनाहट क्या है और वो क्या खाने या पीने पर होती है और यह दावा भी करते है की उनका टूथपेस्ट इस्तेमाल करने पर आपकी सेंसिटिविटी मिनटों में ठीक हो जाएगी,परन्तु क्या ऐसा सच में संभव है? आइए जानते है ! दांतो में झनझनाहट के कई सारे कारण है जो कि अलग अलग आयु वर्ग के लिए अलग अलग होते है व इसी प्रकार उनका समाधान भी अलग होता है ,कुछ मुख्य कारणों के बारे में मैं आपको बताने जा रहा हूं। कारण नंबर एक -   दांतो की झनझनाहट का सबसे बड़ा और सबसे सामान्य का...

HOW TO MAINTAIN YOUR DENTAL CROWN

HOW TO MAINTAIN YOUR DENTAL CROWN? मैंने दांतो का कैप लगवाया है मुझे क्या करना चाहिए? दांतो की कैप की देखभाल कैसे करे ?आईये जानते है   बता रहे है डॉ स्पर्श निगम आमतौर पर दांतो की कैप दांतो की नस का इलाज़(आर सी टी ) या दांतो के कमज़ोर होने पर लगायी जाती है, लेकिन कई बार दांतो की सुंदरता बढ़ाने के लिए भी दांतो पर कैप लगायी जाती है कैप लगाने के बाद आपको किन बातो का ध्यान रखना चाहिए,आईये जानते है 1- कैप लगने के आधे घंटे तक कुछ खाए पिए नहीं ,कैप लगने के 24 घंटे तक कोई कठोर या मुंह में चिपकने वाली वस्तु का सेवन ना करे! ऐसा करने पर कैप निकल सकता है क्युकी आपके कैप को अच्छे से फिक्स होने में 24 घंटे का समय लगता है,यदि उसके पहले ऐसा कोई उठाने या घुमाने वाला दबाव लगने से कैप निकल सकता है! 2- कैप के पास ब्रश अवश्य करे! ब्रश करने से कैप ना ही निकलता है और न ही घिसता है   जी हां ये अत्यन्त आवश्यक है कि आप कैप लगे हुए दांतो को ब्रश ज़रूर करे, ऐसा ना करने पर कैप के आस पास वाले दांतो पर खाना जमने लगता है जिसके कारण मसूड़ों से सम्बन्धित समस्या होने...

WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?

WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ? दाँतों में फिलिंग क्यों करवानी चाहिए? दांतो के रंग की कम्पोज़िट फिलिंग बिलकुल असली दांत की तरह लगती है  बता रहे है डॉ स्पर्श निगम! दांतो में सड़न क्यों होती है इसके बारे में हम सभी को थोड़ा अनुमान है कि मीठा अधिक खाने से और ब्रश न करने से दांतों में सड़न होने लगती है,इसी सड़न को साफ कर के दांतो में फिलिंग की जाती है जिस से दांत की सड़न दांत के अंदरूनी हिस्से तक ना पहुंचे और बाद ने दांत में दर्द ना करे ! ऐसा करना क्यों जरूरी है ,इसके लिए आइए पहले दांत के बारे में थोड़ा समझते है! एक दांत मुख्यतया तीन अलग अलग तरह की सतहों से मिल कर बनता है - सबसे पहली सतह है एनामेल जो हमारे शरीर का सबसे कठोर भाग है,यह सफेद या दूधिया रंग का होता है और इसमें सड़न होने पर किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है ! एनामेल में सड़न एक काले या भूरे रंग के धब्बे की तरह दिखाई देती है जिसमें खाना फसने लगता है! दांतो के ऊपरी सतह की सड़न को बिना किसी दर्द के साफ़ कर दिया जाता है  दूसरी सतह है डेंटीन ,यह थोड़ी पीली या हल्के सफेद रंग की होती है और यदि सड़न इस स...

WHAT IS ORTHODONTIC TREATMENT OR BRACES?

WHAT IS ORTHODONTIC TREATMENT OR BRACES? टेढ़े मेढ़े दांतो का क्या इलाज़ है ? टेढ़े मेढ़े दांत चेहरे की खूबसूरती को ख़राब कर देते है  टेढ़े मेढ़े दांतो के लिए बहुत ही आसान और विश्वसनीय इलाज़ है दांतो पर तार लगवाना जिसको आम भाषा में ब्रेसेस या ऑर्थोडॉन्टिक ट्रीटमेंट कहा जाता है! इस इलाज़ के द्वारा दांतो में बिना किसी छेड़छाड़ किये दांतो के ऊपर तार लगा कर उनको सही दिशा में लगाया जाता है,जिस से दांतो के साथ साथ चेहरे की सुंदरता भी बढ़ जाती है ! ब्रेसेस का ट्रीटमेंट क्यों करवाना चाहिए ? बचपन से ही इस प्रकार के टेढ़े दांतो को भी सीधा किया जा सकता है  बाहर की तरफ निकले हुए दांतो को वापस अंदर करने के लिए  आगे पीछे निकले हुए दांतो को एक सीध में करने के लिए  एक के ऊपर एक लगे हुए दांतो को सही करने के लिए  जबड़े की हड्डी में फसे हुए दांतो को सही जगह पर लाने के लिए  बचपन से ही हुए टेढ़े मेढ़े दांतो को ठीक करने के लिए  ब्रेसेस मुख्यतया दो प्रकार के होते है - 1. मेटल या धातु के , 2.सिरेमिक या  दांत के रंग के  इनके अलावा ब्रे...

QUALITY COMES WITH A PRICE!

QUALITY COMES WITH A PRICE! सस्ता इलाज पड़ सकता है भारी! गलत इलाज़ करवाने से खर्चा कम नहीं होता बल्कि दोगुना हो जाता है! कई बार हमारे सुनने में आता है झोलाछाप पर किसी ने इलाज करवाया था और उसको बहुत ही भयानक इंफेक्शन हो गया,और कई उदाहरण तो झोलाछाप के इलाज के बाद कैंसर के भी सुनने में आते है! यह स्थिति बहुत ही चिंताजनक है क्युकी कई बार लोग जानकारी के अभाव या पैसों की कमी के कारण झोलाछाप के पास चले जाते है जिसके कारण इलाज के बाद बहुत पीड़ा सहनी पड़ती है! मैं अपनी प्रैक्टिस के दौरान झोलाछाप द्वारा किए गए इलाज के दुष्प्रभावों का अनुभव आपसे साझा कर रहा हूं और आपको आगाह कर रहा हूं क्युकी इस तरह का इलाज करवाना बहुत ही हानिकारक है! मेरे पास हाथरस उत्तर प्रदेश से एक महिला इलाज करवाने आयी, अपने इलाज के दौरान उन्होने मुझे बताया कि एक झोलाछाप से सस्ते इलाज के चक्कर में उन्होंने दांत निकलवाया जिसके बाद उनको आधे सर में बहुत दर्द होने लगा! यह दर्द लगातार बढ़ता ही गया और फिर उन्हें एक न्यूरोसर्जन से परामर्श लेना पड़ा! जांच में यह पाया गया कि दांत असावधानी से निकालने के कारण जब...

OPTIONS FOR REPLACEMENT OF TEETH

 OPTIONS FOR REPLACEMENT OF TEETH दाँत लगवाने के अलग अलग विकल्प क्या है मुझे बताए.. यदि किसी बीमारी या दुर्घटनावश आपके दांत निकल गए है तो उन्हें वापस लगाया जा सकता है ! 1.जबड़े में फ़िक्स दाँत लगाना-[डेंटल इंप्लांट] डेंटल इंप्लांट फ़िक्स दाँत लगाने का सबसे नया और सबसे अच्छा विकल्प है इस प्रक्रिया में जो दाँत पायरिया या किसी दुर्घटनावश निकाले जा चुके है उनका   प्रत्यारोपण दाँत की हड्डी में किया जाता है डेंटल इंप्लांट एक टायटेनीयम का छोटा पेंच की तरह होता है जो दाँत की हड्डी में लगाया जाता है यह दाँत बिलकुल आपके असली दाँतो की तरह काम करता है 2.फ़िक्स पार्शल डेंचर(F P D) फिक्स दांतो को आपके बचे हुए मजबूत दांतो के सहारे से लगाया जाता है  इस प्रक्रिया में आपके मुँह में बचे बाक़ी दाँतो की सहायता से निकले हुए दाँतो को वापस लगाया जाता है FPD के लिए आपके बाक़ी दाँतो का स्वस्थ होना आवश्यक है किसी दाँत में सड़न होने पर उसका इलाज पहले किए जाना अत्यंत आवश्यक है 3.निकालकर लगाने वाले दाँत (Removable partial denture) RPD 😀इस प्रकिया मे...

HORMONES AND ORAL HEALTH

क्या होर्मोनेस में आने वाले बदलाव हमारे मुख के स्वास्थ्य को  प्रभावित करते है? हार्मोनल स्थितियों की एक संख्या दांतो के पास के टिश्यू(पेरिओडोन्टल ) जैसे की मसूड़े,दांत की हड्डी आदि को प्रभावित करती है, जिसमें मधुमेह, गर्भावस्था और मीनोपॉज़  से जुड़े महिला सेक्स हार्मोन में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। स्टेरॉयड और थायरॉयड हार्मोन होमोस्टैसिस में परिवर्तन भी मुख को प्रभावित कर सकता है। हार्मोनल परिवर्तन सीधे पीरियडोंटल टिशूज को बदल सकते हैं, इसके अलावा, कुछ हार्मोनल स्थितियों की उपस्थिति में दंत चिकित्सा उपचार में परिवर्तन की आवश्यकता हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान आने वाले मसूड़ों में होने वाले बदलाव के कारण कई बार दन्त चिकित्सक को इलाज़ के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है  हार्मोन और मौखिक स्वास्थ्य महिलाओ में होने वाले हार्मोनल बदलाव मुख को प्रभावित करते है  विभिन्न हार्मोन मसूड़ों के रोगों के विकास या प्रगति को प्रभावित कर सकते हैं। यौवन, मासिक धर्म, गर्भावस्था और मीनोपॉज  के दौरान एक महिला के जीवन में हार्मोनल परिवर्तन होते...

HOW TO CHOOSE A GOOD TOOTHPASTE?

HOW TO CHOOSE A GOOD TOOTHPASTE? सावधानी से करें टूथपेस्‍ट का चुनाव टूथपेस्ट का चयन किन बातो के आधार पर होना चाहिए,बता रहे है डॉ स्पर्श निगम  आमतौर पर दांत साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले टूथपेस्ट का चयन हम उसकी कीमत अथवा उसके विज्ञापनों को देखकर करते हैं, लेकिन दंत विशेषज्ञों का कहना है कि गलत टूथपेस्ट का चुनाव हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. कठोर डिटर्जेंट वाले टूथपेस्ट  के इस्तेमाल से मुंह में छाले हो सकते हैं. इसके अलावा यदि बच्चे वयस्कों के लिए बने टूथपेस्ट को इस्तेमाल के दौरान निगल लें तो यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. दांतों की मैल साफ करने के लिए टूथपेस्ट में कुछ रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है. इससे उन लोगों में समस्या उत्पन्न हो सकती है जो इन पदार्थों के प्रति संवेदनशील होते हैं. रासायनिक टूथपेस्ट की जगह हर्बल टूथपेस्ट का इस्तेमाल करे,केवल दन्त चिकित्सक की सलाह पर !  टूथपेस्ट लेते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसे किस आयु के व्यक्ति को इस्तेमाल करना है. जिन घरों में टूथपेस्ट केवल वयस्कों द्वारा इस्त...

WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?

* दांत उखड़वाने के बाद क्या करना चाहिए इसके बारे में मुझे बताएं * WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL? सड़े गले हुए दांत जबड़े की हड्डी को पिचका देते है  * 1.मैंने अपना दांत उखड़वाया है - अब मुझे क्या करना चाहिए? * पूरे दिन भर के लिए उस पर कोई जोर न दें।  जितना हो सके उतना आराम करें। किसी तरह के रक्तस्राव से बचने के लिए अपने सिर को ऊपर रखें। दांतो की सड़न  धीरे धीरे करके पूरा दांत ख़राब कर देती है  * 2.मुझे कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? * निश्चेतक(ANAESTHESIA)के प्रभाव के खत्म हो जाने तक गर्म खाद्य और पेय पदार्थों से बचें। ऐसा करना जरूरी है क्योंकि आप दर्द को समुचित रूप से नहीं महसूस कर सकते और अपने मुंह को जला सकते हैं। इसके अलावा सावधान रहें कि अपने गालों को चबाएं नहीं। यह काफी आम समस्या है, जो कि उस समय उत्पन्न हो सकती है जबकि कोई अनुभूति नहीं हो। चौबीस घंटो  तक कुल्ला करके साफ करने के बारे में मत सोचें। यह जरूरी है कि आप सॉकेट के घाव को भरने दें, और आपको अवश्य ही इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप उस तरफ से कुछ खाकर रक्त के थक्के को हानि...