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WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?

WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?
दाँतों में फिलिंग क्यों करवानी चाहिए?

WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?
दांतो के रंग की कम्पोज़िट फिलिंग बिलकुल असली दांत की तरह लगती है 


बता रहे है डॉ स्पर्श निगम!

दांतो में सड़न क्यों होती है इसके बारे में हम सभी को थोड़ा अनुमान है कि मीठा अधिक खाने से और ब्रश न करने से दांतों में सड़न होने लगती है,इसी सड़न को साफ कर के दांतो में फिलिंग की जाती है जिस से दांत की सड़न दांत के अंदरूनी हिस्से तक ना पहुंचे और बाद ने दांत में दर्द ना करे !

ऐसा करना क्यों जरूरी है ,इसके लिए आइए पहले दांत के बारे में थोड़ा समझते है!


एक दांत मुख्यतया तीन अलग अलग तरह की सतहों से मिल कर बनता है -

सबसे पहली सतह है एनामेल जो हमारे शरीर का सबसे कठोर भाग है,यह सफेद या दूधिया रंग का होता है और इसमें सड़न होने पर किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है! एनामेल में सड़न एक काले या भूरे रंग के धब्बे की तरह दिखाई देती है जिसमें खाना फसने लगता है!
WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?
दांतो के ऊपरी सतह की सड़न को बिना किसी दर्द के साफ़ कर दिया जाता है 

दूसरी सतह है डेंटीन,यह थोड़ी पीली या हल्के सफेद रंग की होती है और यदि सड़न इस सतह तक पहुंच जाती है तो आपको दांतो में झनझनाहट या थोड़ा दर्द जैसा अनुभव होता है!
WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?
डेंटीन की सड़न दांतो में झनझनाहट या थोड़ा दर्द कर सकती है 

तीसरी सतह है पल्प या जिसे आम भाषा में दांत की नस कहा जाता है, यह सतह सीधे आपके जबड़े में मौजूद नसो से जुड़ी होती है व इसके इंफेक्शन हो जाने से दांतो में भयंकर दर्द होता है जो असहनीय होता है!
WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?
पल्प की सड़न बहुत ज़्यादा दर्द करती है जो असहनीय होती है 


यदि दांतो के दो ऊपरी सतह यानी कि एनामेल और डेंटीन में सड़न हो तो उस स्तिथि में दांतो कि सड़न को हटा कर वहा फिलिंग कर दी जाती है और आपका दांत दोबारा खाने लायक हो जाता है ,परन्तु यदि सबसे अंदर की सतह यानी पल्प तक सड़न हो तो उस स्तिथि में केवल दांत की नस का इलाज यानी आर सी टी ही एक मात्र उपाय होता है!

दांतो में फिलिंग दो प्रकार से की जाती है

- मेटल या अमलगम (चांदी) की फिलिंग

- दांत के रंग की फिलिंग (कंपोजिट या जी आई सी)

मेरे दांत में फिलिंग हुई है मुझे क्या करना चाहिए ?

WHY DENTAL FILLING IS NECESSARY ?
दांतो की फिलिंग करवाने में किसी तरह का दर्द नहीं होता है!

- फिलिंग करने के आधे घंटे तक कुछ खाए पिए नहीं ,

- चौबीस घंटों तक किसी भी कठोर पदार्थ का सेवन ना करे

- दांत पर अधिक दबाव ना डाले,ऐसा करने पर दर्द हो सकता है

- फिलिंग होने के बाद कुछ समय तक थोड़ी अजीब सा या कुछ उंचा सा लग सकता है जो की धीरे धीरे ठीक हो जाता है परन्तु यदि यह ठीक ना हो और कान के पास दर्द होने लगे तो अपने दंत चिकित्सक से संपर्क करें!

- फिलिंग होने पर कई बार थोड़ा दर्द या झनझनाहट होना बिल्कुल नॉर्मल है,इसके लिए दंत चिकित्सक आपको दर्द की दवा या कोई टूथपेस्ट देते है जिस से यह ठीक हो जाता है


- यदि दांत में सड़न काफी अन्दर तक है और फिलिंग के बाद किसी तरह का दर्द,सूजन या रात को सोते समय दर्द होता है तो यह इस बात का संकेत है कि आपको दांत की नस का इलाज करवाना पड़ेगा!

दांतो की फिलिंग करना इस बात पर निर्भर करता है कि दांत में सड़न कितनी है या दांत का कितना हिस्सा खराब हो चुका है, यदि दांत की सड़न हटाने के बाद दांत का काफी हिस्सा कमजोर हो चुका है तो ऐसे में मेरी सलाह है कि आप दांतो के ऊपर कैप लगवाने का विचार करे!

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