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THE TRUTH ABOUT DENTAL SENSITIVITY

THE TRUTH ABOUT DENTAL SENSITIVITY!
दांतो में सेंसिटिविटी क्यों होती है?
कुछ भी ठंडा,गरम या मीठा खाने पर दांतो में तेज़ झनझनाहट होना डेंटल सेंसिटिविटी कहलाता है 


दांतो की झनझनाहट यानी की डेंटल सेंसिटिविटी के बारे में तो हम सब अच्छे से जानते है और कभी ना कभी हमारे जीवन में हम सबने इसे अवश्य महसूस किया है,परन्तु यदि इसके कारणों के बारे में सोचा जाए तो हम सब की अलग अलग राय है जो काफी संदेह पैदा करता है कि आखिरकार दांतो में झनझनाहट क्यों होती है?

टेलीविजन पर आने वाले अधिकतर विज्ञापन आपको यह जानकारी देते है की दांतो की झनझनाहट क्या है और वो क्या खाने या पीने पर होती है और यह दावा भी करते है की उनका टूथपेस्ट इस्तेमाल करने पर आपकी सेंसिटिविटी मिनटों में ठीक हो जाएगी,परन्तु क्या ऐसा सच में संभव है? आइए जानते है !

दांतो में झनझनाहट के कई सारे कारण है जो कि अलग अलग आयु वर्ग के लिए अलग अलग होते है व इसी प्रकार उनका समाधान भी अलग होता है ,कुछ मुख्य कारणों के बारे में मैं आपको बताने जा रहा हूं।

कारण नंबर एक -   दांतो की झनझनाहट का सबसे बड़ा और सबसे सामान्य कारण है दांतो के ऊपर से मसूड़ों का हट जाना!

दांतो में जमा गन्दगी की वजह से मसूड़े हटने लगते है जिसकी वजह से दांतो में झनझनाहट होती है 

अधिकतर मरीज़ इसी कारण की वजह से सेंसिटिविटी की समस्या लेकर हमारे पास आते है जिसका समाधान दांतो की सफाई करके उन पर जमी प्लाक और कैलकुलस की परत को हटाने से होता है। दांतो की सफाई के बाद कुछ दिनों तक झनझनाहट होना सामान्य बात है जिसके लिए एंटी सेंसिटिविटी टूथपेस्ट इस्तेमाल किया जाता है!

कारण नंबर दो -  दांतो में सड़न दांतो की झनझनाहट का दूसरा सबसे बड़ा कारण है !

दांतो में अगर सड़न  हो जाए तो वह बिना ठीक किये किसी टूथपेस्ट से सही नहीं हो सकती है !

 यदि दांतो में सड़न या जिसको आम भाषा में कैविटीज कहा जाता है,जो दांतो की अंदरूनी हिस्से में पहुंचने पर दांतो में तेज झनझनाहट होने लगती है! इस तरह की झनझनाहट के लिए दांतो की सड़न साफ कर के दांत के हिस्से को रिपेयर किया जाता है। इस तरह की झनझनाहट किसी भी एंटी सेंसिटिविटी टूथपेस्ट से सही नहीं हो सकती है! दंत चिकित्सक से परामर्श लेना ही इसका एकमात्र उपाय है!

कारण नंबर तीन -  दांतो की ऊपरी परत का घिस जाना

 दांतो के ज़्यादा घिस जाने पर उन पर कैपिंग करवाना एक बहुत ही अच्छा विकल्प है 


दांतो की सबसे मजबूत परत यानी कि एनामेल के घिस जाने से दांतो में झनझनाहट होने लगती है, एनामेल की परत बहुत ज़्यादा रगड़ कर ब्रश करने या अधिक आयु वर्ग के लोगों में अपने आप ही घिसने लगती है जिसके कारण दांतो में तेज झनझनाहट होने लगती है!

कुछ मरीजो में एक एंटी सेंसिटिविटी टूथपेस्ट इस प्रकार की झनझनाहट के लिए अच्छा काम करता है परन्तु एनामेल की परत पूरी तरह हट जाने पर कोई भी टूथपेस्ट उसको दोबारा ठीक नहीं कर सकता है!



बहुत अधिक सुपारी,तंबाकू या पान मसाला खाने वाले व्यक्तियों में दांतो कि एनामेल परत बहुत जल्दी घिस जाती है जिसकी वजह से तेज झनझनाहट होती है!

एंटी सेंसिटिविटी टूथपेस्ट एक बहुत ही अच्छा समाधान है परन्तु इसकी कुछ सीमाएं है! यदि किसी एंटी सेंसिटिविटी टूथपेस्ट के एक महीने से अधिक इस्तेमाल के बाद भी आपको सेंसिटिविटी में आराम नहीं मिलता है या झनझनाहट बार बार होती है तो मेरी सलाह है की आप अपने दन्त  चिकित्सक से अवश्य संपर्क करे!



यदि आपके मन में कोई सवाल है या दन्त रोग समस्या से सम्बन्धित कोई जानकारी लेना चाहते है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे मैं आपके सवालो का जवाब देने की अवश्य कोशिश करूँगा !

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