सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?


*दांत उखड़वाने के बाद क्या करना चाहिए इसके बारे में मुझे बताएं*

WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?

WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?
सड़े गले हुए दांत जबड़े की हड्डी को पिचका देते है 

*1.मैंने अपना दांत उखड़वाया है - अब मुझे क्या करना चाहिए?*
पूरे दिन भर के लिए उस पर कोई जोर न दें।  जितना हो सके उतना आराम करें। किसी तरह के रक्तस्राव से बचने के लिए अपने सिर को ऊपर रखें।
दांतो की सड़न  धीरे धीरे करके पूरा दांत ख़राब कर देती है 

*2.मुझे कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए?*
निश्चेतक(ANAESTHESIA)के प्रभाव के खत्म हो जाने तक गर्म खाद्य और पेय पदार्थों से बचें। ऐसा करना जरूरी है क्योंकि आप दर्द को समुचित रूप से नहीं महसूस कर सकते और अपने मुंह को जला सकते हैं। इसके अलावा सावधान रहें कि अपने गालों को चबाएं नहीं। यह काफी आम समस्या है, जो कि उस समय उत्पन्न हो सकती है जबकि कोई अनुभूति नहीं हो।
WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?

चौबीस घंटो तक कुल्ला करके साफ करने के बारे में मत सोचें। यह जरूरी है कि आप सॉकेट के घाव को भरने दें, और आपको अवश्य ही इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप उस तरफ से कुछ खाकर रक्त के थक्के को हानि नहीं पहुंचाएं या अपनी जीभ को उस पर नहीं फिराएं।इससे सॉकेट में संक्रमण हो सकता है और घाव का भरना प्रभावित हो सकता है।

3.मुझे ब्रश कब करना चाहिए?
दांत उखड़वाने के बाद मुंह को साफ रखना पहले जितना ही महत्वपूर्ण है। फिर भी, जिस जगह का दांत उखाड़ा गया है उसके इर्दगिर्द आपको सावधानी बरतनी होगी।

चाय के चम्मच भर नमक को गर्म पानी के गिलास में मिलाएं और दिन में दो बार सॉकेट के इर्दगिर्द कुल्ला करें, इससे उस जगह को साफ रखने में मदद मिलेगी और घाव भरेगा। ऐसा एक सप्ताह तक या जब तक आपका दंत चिकित्सक कहे, करते रहें।
WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?


4.अगर वहां पर रक्तस्राव(BLEEDING) होता है तो मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले तो यह बात याद रखें कि पहले दिन या और एकाध दिन थोड़ा-बहुत रक्तस्राव हो सकता है। बहुत से लोग रक्तस्राव की मात्रा को लेकर चिंतित होते हैं। रक्त की थोड़ी सी मात्रा थूक की काफी बड़ी मात्रा के साथ मिली होती है, जो कि वास्तविकता के मुकाबले कहीं अधिक नजर आता है।
अगर रक्तस्राव की तरफ आपका ध्यान जाता है तो इसे साफ नहीं करें, बल्कि सॉकेट पर दबाव डालें। कम से कम 15 मिनट तक के लिए रुमाल की तरह की सूती की साफ सामग्री के तह किये हुए टुकड़े(Cotton or Gauze piece) पर दृढ़तापूर्वक काटें।इस बात को सुनिश्चित करें कि इसे सीधे दांत निकालने वाली जगह के ऊपर रखा है और आवश्यक होने पर पैड को बदल दें।
अगर एक या दो घंटे के बाद रक्तस्राव नहीं रुकता है तो अपने दंत चिकित्सक से संपर्क करें।
WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?

4.क्या मेरे दंत चिकित्सक को मुझे दोबारा देखने की जरूरत पड़ेगी?
अगर दांत को उखाड़ने में विशेष रूप से मुश्किल पेश आयी थी(*SURGICAL Extraction*) तो दंत चिकित्सक आपको आगे की मुलाकात का समय देगा। ऐसा किन्हीं टांकों को निकालने के लिए हो सकता है, जो कि जरूरी हो या बस इस बात की जांच करने के लिए कि उस जगह का घाव अच्छी तरह से भर रहा है!
WHAT TO DO AFTER TOOTH REMOVAL?

यदि आपके मन में कोई सवाल हो या दन्त रोग सम्बन्धी कोई समस्या हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे,मैं आपके सभी सवालो का जवाब देने की कोशिश करूँगा !

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Why does some javvarisi VADAM stick to the teeth while eating?

कुछ जाव्वारिसी वदम खाने के दौरान दांतों से क्यों                            चिपक जाता है? जाववारीसी वदम, जिसे साबूदाना वड़ा के नाम से भी जाना जाता है,  यह एक लोकप्रिय भारतीय नाश्ता है जो भिगोए हुए और मसले हुए साबूदाने, मसालों और कभी-कभी आलू से बनाया जाता है । वड़े का चिपचिपापन कुछ कारणों से हो सकता है। सबसे पहले, वड़ा बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साबूदाने में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है , जो पकने पर उन्हें चिपचिपा बना सकता है। अगर साबूदाने को ठीक से भिगोया नहीं गया है, या ज्यादा पकाया गया है, तो यह और भी ज्यादा चिपचिपा हो सकता है । दूसरे, वड़े को एक साथ रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बाध्यकारी एजेंट भी इसकी चिपचिपाहट में योगदान दे सकता है। कुछ व्यंजनों में आलू या कॉर्नस्टार्च को एक बाध्यकारी ए जेंट के रूप में कहा जाता है, जो वड़ा की चिपचिपाहट को बढ़ा सकता है। अंत में, वड़ा तलने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तेल भी इसके चिपचिपाहट में एक भूमिका निभा सकता है। यदि तेल पर्याप्त गर्म नहीं है, या ...

MOUTH CARE IN PREGNANCY

गर्भावस्था में मुख की देखभाल कैसे करे? बता रहे है डॉ स्पर्श निगम गर्भावस्था स्त्रियों के लिए एक बहुत ही जीवनस्पर्शी व संघर्ष से भरा अनुभव है, यह समय किसी भी स्त्री के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्युकी इस समय शरीर में होने वाले बदलाव आपको एक नए जीवन के आने के लिए तैयार करते है! प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोन्स के उतार चढ़ाव के कारण कई प्रकार की समस्या होने लगती है जैसे कि पैरो में सूजन ,कमर में दर्द व मसूड़ों में सूजन। प्रोजेस्ट्रॉन एक प्रेग्नेंसी हार्मोन है जिसके कारण मसूड़ों की बीमारी उत्पन्न होती है खासतौर पर प्रेग्नेंसी के दूसरे से आठवें महीने के बीच में। इस समय में होने वाले कुछ लक्षणों के बारे में आपको जागरूक होना आवश्यक है जो की इस प्रकार हैं  - मसूड़ों में सूजन - मसूड़ों में खुजली होना - ब्रश करने पर मसूड़ों से खून आना - मसूड़े के किसी भाग का बढ़ जाना या पस निकलना इसलिए मेरा सुझाव है कि जैसे ही आपको अपने गर्भ धारण का पता चले,आप अपने दंत चिकित्सक से एक रूटीन चेक अप अवश्य करवाए,जिस से दांतो में मौजूद कोई भी बीमारी का पता पहले ही चल सके! मेरी ...

Why my child teeth not started breaking at the age of 7 years?

 यदि आपके बच्चों के दांत समय पर नहीं टूट रहे हैं तो                                    क्या करना चाहिए आजकल के समाज में बच्चों के दांतो से जुड़ी हुई समस्याएं काफी ज्यादा गंभीर रूप धारण कर चुकी है बच्चों के दांतों में सड़न होना आजकल एक आम बात है और बच्चों के दांतो से जुड़ी हुई समस्या आजकल बहुत ज्यादा देखी जा रही है इन्हीं में से एक समस्या है बच्चों के दांतो का समय पर ना गिरना ,तो सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि दांतों के गिरने का सही समय या दांतो के निकलने का सही समय क्या है बच्चों के दूध के दांत 6 महीने के होने पर निकलना शुरू करते हैं और अधिक से अधिक 8 या 9 महीने तक दांत आना शुरू हो जाते हैं जो कि बच्चे के 2 या 3 साल के होने तक निकलते हैं ध्यान रखिए बच्चे के सभी दूध के दांत उसके दूसरे या तीसरे जन्मदिन से पहले पहले आ जाने चाहिए यदि दांत निकलने में कोई देरी है तो फिर आपको अपने दंत चिकित्सक से संपर्क अवश्य करना चाहिए बच्चे के पक्के दांत 6 से 7 वर्ष की आयु में निकलना शुरू होते हैं औ...