WHAT ARE DENTAL IMPLANTS AND WHY SHOULD I GET THIS TREATMENT?
डेंटल इंप्लांट क्या है और यह हमें क्यों लगवाना चाहिए ?
आप सभी ने किसी ना किसी माध्यम से डेंटल इंप्लांट के बारे में अवश्य सुना होगा या आपके दंत चिकित्सक ने आपको इसके बारे में अवश्य अवगत करवाया होगा। हमारे पास आने वाले कई मरीज़ों के द्वारा पूछे गए सवाल व उनकी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहा हूं।
डेंटल इंप्लांट क्या है?
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| डेंटल इम्प्लांट एक या एक से अधिक अथवा पूरी बत्तीसी लगाने के लिए एक आधुनिक तकनीक है |
डेंटल इंप्लांट किसी दुर्घटनावश टूटे हुए दांत ,मसूड़ों की बीमारी व दांतो की सड़न या किसी अन्य कारण द्वारा निकाले जा चुके दांतो को वापस लगाने की एक विधि है जिसमें टाइटेनियम धातु का एक पेंच(इंप्लांट) आपके जबड़े की हड्डी में पूर्णतया दर्द रहित तरीके से लगाया जाता है और फिर इसी पेंच(इंप्लांट) की सहायता से फ़िक्स दांत लगा दिए जाते है!
आपने अक्सर सुना होगा कि किसी व्यक्ति के दुर्घटना के बाद हाथ या पैर की हड्डी में रॉड (ऑर्थो इंप्लांट) लगी है,यह रॉड भी टाइटेनियम धातु की बनी होती है ,उसी प्रकार से डेंटल इंप्लांट टाइटेनियम धातु के छोटे पेंच(इंप्लांट) की तरह होती है जिस से दांतो को दोबारा जबड़े की हड्डी में लगाया जाता है!
डेंटल इंप्लांट क्यों लगवाना चाहिए ?
-डेंटल इंप्लांट फ़िक्स दांत लगाने की सबसे आधुनिक तकनीक है जिस पर वर्षों का अनुसंधान किया गया है व असंख्य मरीज़ इसका लाभ उठा चुके है और अपने मनपसंद भोजन का सेवन कर पा रहे है!
-डेंटल इंप्लांट की विश्वसनीयता बहुत अधिक है व इसकी सफल होने की संभावना 95-98% तक रहती है!
- डेंटल इंप्लांट एक पूर्णतया दर्द रहित तकनीक है, जिसके द्वारा आपके दांत निकल जाने के बाद उसी जगह पर जबड़े की हड्डी में दांत लगा दिया जाता है जो कि आपके जबड़े की हड्डी को पिचकने से बचाता है व अन्य सामान्य दांतो को कोई नुकसान नहीं पहुंचने देता है!
- दांत लगाने की अन्य तकनीक जैसे कि फ़िक्स क्राउन व निकाल कर लगाने वाले दांतो में आपके बचे हुए दांतो की सहायता लेनी पड़ती है परन्तु डेंटल इंप्लांट अपने आप में ही एक सम्पूर्ण विधि है जिसमें आस पास के दांतो के होने या ना होने से कोई प्रभाव नहीं पड़ता है तथा अन्य किसी दांत में किसी प्रकार की कोई हानि नहीं होती है!
डेंटल इंप्लांट को लगाने के क्या संकेत है ?
- दुर्घटनावश टूटे हुए सामने के या पीछे के दांत- मसूड़ों की बीमारी जैसे कि पायरिया से कमजोर हो चुके दांतो को हटा कर नए फ़िक्स दांत लगाने के लिए
- अधिक आयु के व्यक्ति जिनके सभी दांत गिर चुके है
- आर सी टी (दांत की नस का इलाज) के विफल होने या बार बार इंफेक्शन होने पर
- अन्य किसी भी कारण से खराब या सड़े हुए दांतो को हटा कर फ़िक्स दांत लगाने के लिए
डेंटल इंप्लांट किन कारणों से नहीं लगाए जा सकते है ?
- डायबिटीज़ के रोगी जिनका लंबे समय से इलाज चल रहा हो तथा HbA1c 7 से ऊपर होने पर
- बहुत अधिक धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में
- जबड़े की हड्डी में किसी बीमारी या ख़राबी होने पर
- मसूड़ों के बहुत अधिक इंफेक्शन होने पर
डेंटल इंप्लांट लगाने के पहले कुछ एक्स रे व खून की रूटीन जांच करवाई जाती है जो की अत्यंत आवश्यक है, इस से इंप्लांट लगाने के बाद आने वाली किसी भी परेशानी को पहले ही ठीक कर दिया जाता है !
यदि किसी अतिरिक्त सर्जरी या हड्डी की जांच करवानी हो तो इसके बारे में पहले ही मरीज़ को जानकारी दे दी जाती है
डेंटल इम्लांट्स का शुरूआती खर्चा 10000 से है जिसमे भिन्न भिन्न तरह के इम्प्लांट अलग अलग विशेषताओं के साथ उपलब्ध है
डेंटल इंप्लांट से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आप मुझसे परामर्श ले सकते है
नंबर लगाने के लिए संपर्क करें -8126207770 दिलीप दिवाकर
वॉट्सएप नंबर -8218292338
वेबसाइट - http://www.drsparshmultispecialitydental.in/





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