Reduced Mouth Opening (OSMF)
मेरा मुंह पूरा नहीं खुलता है मुझे क्या करना चाहिए?
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| तम्बाकू के सेवन से मुख के कई रोग होने लगते है जिसमे से मुँह का कम खुलना एक लक्षण है |
इसका सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कारण है तंबाकू,पान मसाला,सुपारी,तम्बाकू के मंजन या धूम्रपान का इस्तेमाल !
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| तम्बाकू पान मसाला सुपारी व् सिगरेट इसके प्रमुख कारक है |
तंबाकू में मौजूद निकोटिन व अन्य टैनिन मुख की त्वचा के अंदर पहुँचकर वहां मौजूद खून की नलिकाओं को बंद कर देते है जिसके कारण त्वचा कड़क होने लगती है और मुंह खोलने में परेशानी होती है!
निकोटिन तंबाकू व सिगरेट में पाया जाने वाला एक तरह का नशीला पदार्थ है जिसके कारण फाइब्रोसिस व कैंसर जैसे रोग होते है!यह मुंह की त्वचा को लगातार रगड़ता रहता है जिसके कारण वहां छाले या सफ़ेद धब्बे बन जाते हैं जो की आगे बढ़ कर कैंसर का रूप धारण कर सकते हैं!
यदि आपको तंबाकू पान मसाला या सिगरेट पीने की आदत है तो निम्न लक्षणों की पहचान अवश्य करे -
- मुंह का तीन उंगली से कम खुलना
यदि आपके मुंह में तीन उंगली के जाने लायक जगह नहीं बन पाती है तो आपको फाइब्रोसिस हो सकती है ,अपने दंत चिकित्सक से तुरंत संपर्क करे और तंबाकू की आदत को तुरंत छोड़ दे!![]() |
| इस तरह से तीन उंगली मुँह के अंदर जानी चाहिए |
- मुंह में सफेद,भूरे ,लाल या सलेटी रंग के धब्बे होना
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| इस तरह के सफ़ेद,भूरे ,लाल या सलेटी रंग के धब्बे दिखाई देने पर तुरंत संपर्क करे |
- मुंह में बार बार छाले होना
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| मुँह में बार बार छाले होना व् उन छालो में मिर्च मसाला लगना फाइब्रोसिस के लक्षण है |
- मुंह के अंदर की त्वचा का खिचा हुआ रहना
यदि आपके मुंह की त्वचा खिची सी है या अधिकतर फटा हुआ सा प्रतीत होता है ,मुंह में तंबाकू रखने की जगह पर त्वचा में खींचाव या सलवटे दिखाई देती है तो यह फाइब्रोसिस के लक्षण हो सकते है जिसके कारण मुंह का खुलना कम हो जाता है !
फाइब्रोसिस का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है, यदि तंबाकू छोड़ दिया जाए तो यह ठीक हो सकता है और इसके दुष्प्रभावों को भी रोका का सकता है !इसलिए आपसे निवेदन है की तंबाकू आज ही छोड़ दे!
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| तम्बाकू रखने की जगह पर इस तरह के सफ़ेद धब्बे होने लगते है जिनमे दर्द नहीं होता है |
फाइब्रोसिस की शुरुआत होने पर ही यदि तम्बाकू को पूरी तरह से छोड़ दिया जाए तो इसके दुष्प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है! दन्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली एंटीऑक्सीडेंट दवाइया व् मलहम लगाने पर काफी मरीज़ो में सुधार देखा गया है
फाइब्रोसिस के बहुत अधिक बढ़ जाने पर इसका इलाज़ काफी लम्बा चलता है जिसमे स्टेरॉयड के इंजेक्शन लगाए जाते है जिससे मुख की त्वचा में सुधार आने लगता है
यदि आपके मन में कोई सवाल है या दन्त रोग सम्बन्धी कोई समस्या है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे ,मैं आपके सवालो का जवाब देने की कोशिश करूँगा







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