सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

IS DIABETES RUINING YOUR SMILE TOO?

*डायबिटीज़ और मुख का संबंध क्या है?*

IS DIABETES RUINING YOUR SMILE TOO?
IS DIABETES RUINING YOUR SMILE TOO?



 बता रहे है डॉ स्पर्श निगम


डायबिटीज़ के बारे में तो आप सब लोग जानते ही होंगे की यह खून में ग्लूकोज यानी शक्कर की अधिकता के कारण होने वाली एक जीवनशैली से संबंधित बीमारी है,पंरतु क्या यह आपके मुख पर भी कुछ प्रभाव डाल सकती है?मैं इसके बारे में कुछ जानकारी देने का प्रयास कर रहा हूं!

भारत में डायबिटीज़ से अब तक 6 करोड़ बीस लाख लोग ग्रसित हो चुके है और यह संख्या बढ़ती ही जा रही है और महामारी का रूप धारण कर रही है!


हाल ही में हुई एक रिसर्च से यह पता चला है कि डायबिटीज़ से जूझने वाले व्यक्तियों में मसूड़ों से संबंधित बीमारी होने की संभावना अधिक होती है इसलिए अब डायबिटीज़ से संबंधित बीमारियों में हृदय रोग, हृदयाघात व किडनी की बीमारी के बाद मसूड़ों की बीमारी को भी जोड़ा गया है !
IS DIABETES RUINING YOUR SMILE TOO

मसूड़ों की बीमारी को डायबिटीज़ से संबंधित बीमारियों की श्रेणी में छठे स्थान पर रखा गया है,जो की एक बहुत ही चिंता करने की बात है!क्युकी डायबिटीज़ से मरीज की खाने पीने की आदतों में बदलाव करना पड़ता है और यदि मसूड़े भी कमजोर हो जाएंगे तो मरीज की सेहत पर बहुत असर पड़ सकता है!


*हमे कैसे पता चलेगा की हमे डायबिटीज़ की वजह से मसूड़ों की समस्या होने लगी है?*

IS DIABETES RUINING YOUR SMILE TOO?
डायबिटीज से मसूड़ों की सूजन,खून आना व् बदबू आना जैसी समस्या हो सकती है !


इसके कुछ लक्षण है जो इस प्रकार है।
1- लाल व सूजे हुए मसूड़े जिन पर ब्रश करने से खून आता हो,
2- दांतो के ऊपर पीले  रंग के धब्बे या दाग जो ब्रश से साफ ना हो पाते हो,
3- मसूड़ों से पस निकलना,उनमें दर्द होना या अधिक सूजन आना,
4- दांतो का हिलना व खाना चबाने में दर्द होना या दबाव लगने पर दर्द होना,
5- मुंह से लगातार दुर्गंध आना

*मेरा सुझाव है कि यदि किसी मरीज को दांतो की सफाई करवाने के बाद भी आराम नहीं पड़ रहा है या मसूड़ों से खून नहीं रुकता है तो उन्हें एक बार डायबिटीज़ की जांच अवश्य करवानी चाहिए, एक साल से अधिक समय से डायबिटीज़ से पीड़ित मरीज को 3 महीने वाली डायबिटीज़ की जांच(HbA1c) करवानी चाहिए!*


धूम्रपान या तम्बाकू का सेवन करने से डायबिटीज़ के मरीज को और अधिक समस्या हो जाती है जिस से घाव भरने में और अधिक परेशानी होती है इसलिए ऐसी आदतों से दूर रहना चाहिए!

प्रति 6 महीने पर अपने दांतो की नियमित सफाई हर एक डायबिटीज़ के मरीज को अवश्य करवानी चाहिए ! मसूड़ों की बीमारी का पता चलने में काफी समय लगता है जिस से समस्या काफी बढ़ सकती है!

IS DIABETES RUINING YOUR SMILE TOO?





यदि आपके मन में कोई सवाल है, या दांत से संबधित कोई परेशानी हो तो कमेंट बॉक्स में लिखें!
मैं आप सबके सवालों का जवाब देने की अवश्य कोशिश करूंगा!

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Why does some javvarisi VADAM stick to the teeth while eating?

कुछ जाव्वारिसी वदम खाने के दौरान दांतों से क्यों                            चिपक जाता है? जाववारीसी वदम, जिसे साबूदाना वड़ा के नाम से भी जाना जाता है,  यह एक लोकप्रिय भारतीय नाश्ता है जो भिगोए हुए और मसले हुए साबूदाने, मसालों और कभी-कभी आलू से बनाया जाता है । वड़े का चिपचिपापन कुछ कारणों से हो सकता है। सबसे पहले, वड़ा बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साबूदाने में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है , जो पकने पर उन्हें चिपचिपा बना सकता है। अगर साबूदाने को ठीक से भिगोया नहीं गया है, या ज्यादा पकाया गया है, तो यह और भी ज्यादा चिपचिपा हो सकता है । दूसरे, वड़े को एक साथ रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बाध्यकारी एजेंट भी इसकी चिपचिपाहट में योगदान दे सकता है। कुछ व्यंजनों में आलू या कॉर्नस्टार्च को एक बाध्यकारी ए जेंट के रूप में कहा जाता है, जो वड़ा की चिपचिपाहट को बढ़ा सकता है। अंत में, वड़ा तलने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तेल भी इसके चिपचिपाहट में एक भूमिका निभा सकता है। यदि तेल पर्याप्त गर्म नहीं है, या ...

MOUTH CARE IN PREGNANCY

गर्भावस्था में मुख की देखभाल कैसे करे? बता रहे है डॉ स्पर्श निगम गर्भावस्था स्त्रियों के लिए एक बहुत ही जीवनस्पर्शी व संघर्ष से भरा अनुभव है, यह समय किसी भी स्त्री के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्युकी इस समय शरीर में होने वाले बदलाव आपको एक नए जीवन के आने के लिए तैयार करते है! प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोन्स के उतार चढ़ाव के कारण कई प्रकार की समस्या होने लगती है जैसे कि पैरो में सूजन ,कमर में दर्द व मसूड़ों में सूजन। प्रोजेस्ट्रॉन एक प्रेग्नेंसी हार्मोन है जिसके कारण मसूड़ों की बीमारी उत्पन्न होती है खासतौर पर प्रेग्नेंसी के दूसरे से आठवें महीने के बीच में। इस समय में होने वाले कुछ लक्षणों के बारे में आपको जागरूक होना आवश्यक है जो की इस प्रकार हैं  - मसूड़ों में सूजन - मसूड़ों में खुजली होना - ब्रश करने पर मसूड़ों से खून आना - मसूड़े के किसी भाग का बढ़ जाना या पस निकलना इसलिए मेरा सुझाव है कि जैसे ही आपको अपने गर्भ धारण का पता चले,आप अपने दंत चिकित्सक से एक रूटीन चेक अप अवश्य करवाए,जिस से दांतो में मौजूद कोई भी बीमारी का पता पहले ही चल सके! मेरी ...

Why my child teeth not started breaking at the age of 7 years?

 यदि आपके बच्चों के दांत समय पर नहीं टूट रहे हैं तो                                    क्या करना चाहिए आजकल के समाज में बच्चों के दांतो से जुड़ी हुई समस्याएं काफी ज्यादा गंभीर रूप धारण कर चुकी है बच्चों के दांतों में सड़न होना आजकल एक आम बात है और बच्चों के दांतो से जुड़ी हुई समस्या आजकल बहुत ज्यादा देखी जा रही है इन्हीं में से एक समस्या है बच्चों के दांतो का समय पर ना गिरना ,तो सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि दांतों के गिरने का सही समय या दांतो के निकलने का सही समय क्या है बच्चों के दूध के दांत 6 महीने के होने पर निकलना शुरू करते हैं और अधिक से अधिक 8 या 9 महीने तक दांत आना शुरू हो जाते हैं जो कि बच्चे के 2 या 3 साल के होने तक निकलते हैं ध्यान रखिए बच्चे के सभी दूध के दांत उसके दूसरे या तीसरे जन्मदिन से पहले पहले आ जाने चाहिए यदि दांत निकलने में कोई देरी है तो फिर आपको अपने दंत चिकित्सक से संपर्क अवश्य करना चाहिए बच्चे के पक्के दांत 6 से 7 वर्ष की आयु में निकलना शुरू होते हैं औ...