सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Best Foods For Dental Health and Teeth Care

दांतों की देखभाल के लिए क्या खाना चाहिए?

Best Foods For Dental Health and Teeth Care

*Best Foods For Dental Health and Teeth Care*


🍫मीठे खाद्य पदार्थ जैसे *चोकलेट , कोल्ड ड्रिंक्स , मैदा वाले बिस्कुट ,आइस क्रीम , केक, चिप्स ,स्नैक्स, जंक फ़ूड* आदि का अधिक मात्रा में इस्तेमाल न करें। यह सब चीजें दांतों को हानि पहुंचाती हैं। ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल करने के बाद पानी से कुल्ला अवश्य कर लें।
Best Foods For Dental Health and Teeth Care
दांत हड्डी से भी 10 गुना मजबूत होते है परन्तु मीठा अधिक खाने से ख़राब हो जाते है !

🍹वैसे तो दांतों की देखभाल (Teeth Care) और अच्छे स्वास्थ्य के लिए *सोडा, कोला ,ठंडे पेय पदार्थ* नहीं पीने चाहिए लेकिन अगर आपको पीना ही है तो *straw (नली)* डालकर पिए इससे कोल्ड ड्रिंक में मौजूद *एसिड* आपके दांतों पर नही लगेगा|
गरम पेय पदार्थ के तुरंत बाद  ठंडा पानी पीने से दांत हिलने लगते हैं। इसलिए Teeth Care के लिए गरम पेय पदार्थ पीने के तुरंत बाद ठंडा न पिएं।
दांतों को औजार के रूप में इस्तेमाल न करें। जैसे दांत से खींचकर कोई चीज निकालना, धागा तोड़ना, वायर छीलना आदि।

🍻🚬 *धूम्रपान, मद्यपान, पान, तंबाकू, गुटखा आदि के इस्तेमाल से भी दांतों का सौंदर्य नष्ट हो जाता है*। दांतों की देखभाल के लिए ऐसी चीजों के इस्तेमाल से बचें।
Best Foods For Dental Health and Teeth Care
तम्बाकू पान मसाला बीड़ी सिगरेट दांतो के सबसे बड़े दुश्मन है 

बेहतर Teeth Care के लिए *एक वर्ष में दो बार दांतों का चिकित्सकीय परीक्षण अवश्य करवाना चाहिए*, ताकि किसी भी प्रकार के रोग संक्रमण का समय पर पता लग सके।
अगर आप दंत-मंजन इस्तमाल करते है तो यह सुनिश्चित कर लें की *मंजन उच्च गुणवत्ता का, नर्म हो, घटिया व खुरदरे दंत मंजन आपके दातों को स्थाई नुकसान पंहुचा सकते ह*ै |


--Teeth Care के लिए खाना खाने के बाद *गाजर , मूली,ककड़ी , खीरा , अमरुद , सेब* आदि खाने से दांत साफ होते हैं तथा दांत सुंदर व मजबूत भी होते हैं।
Best Foods For Dental Health and Teeth Care
हरी सब्जिआ दांतो को मजबूत व् साफ रखती है 
इसके अलावा हर रोज *सेब तथा अंगूर खाएँ और अपने खाने में डेयरी उत्पाद जैसे *दूध , दही* आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करें |
दांतों की देखभाल के लिए पेयजल के रूप में *फ्लोराइडयुक्त पानी* का उपयोग करें। इसमें एनेमल तत्व होते हैं, जो दांतो पर अम्ल के प्रभाव को कम करते हैं तथा दांतो को मजबूती प्रदान करते हैं।
*गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान पूर्ण तथा संतुलित आहार नहीं लेने का सीधा असर गर्भस्थ शिशु के दांतो पर पड़ता है। इसलिए Teeth Care के लिए गर्भावस्था में जरुरी कैल्शियम और अन्य खनिज लेने चाहिए*

यदि आपके कोई दांतो से संबंधी समस्या है या कोई सुझाव है तो हमसे संपर्क करें ,नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें!

धन्यवाद
डॉ स्पर्श निगम

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Why does some javvarisi VADAM stick to the teeth while eating?

कुछ जाव्वारिसी वदम खाने के दौरान दांतों से क्यों                            चिपक जाता है? जाववारीसी वदम, जिसे साबूदाना वड़ा के नाम से भी जाना जाता है,  यह एक लोकप्रिय भारतीय नाश्ता है जो भिगोए हुए और मसले हुए साबूदाने, मसालों और कभी-कभी आलू से बनाया जाता है । वड़े का चिपचिपापन कुछ कारणों से हो सकता है। सबसे पहले, वड़ा बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले साबूदाने में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है , जो पकने पर उन्हें चिपचिपा बना सकता है। अगर साबूदाने को ठीक से भिगोया नहीं गया है, या ज्यादा पकाया गया है, तो यह और भी ज्यादा चिपचिपा हो सकता है । दूसरे, वड़े को एक साथ रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बाध्यकारी एजेंट भी इसकी चिपचिपाहट में योगदान दे सकता है। कुछ व्यंजनों में आलू या कॉर्नस्टार्च को एक बाध्यकारी ए जेंट के रूप में कहा जाता है, जो वड़ा की चिपचिपाहट को बढ़ा सकता है। अंत में, वड़ा तलने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तेल भी इसके चिपचिपाहट में एक भूमिका निभा सकता है। यदि तेल पर्याप्त गर्म नहीं है, या ...

MOUTH CARE IN PREGNANCY

गर्भावस्था में मुख की देखभाल कैसे करे? बता रहे है डॉ स्पर्श निगम गर्भावस्था स्त्रियों के लिए एक बहुत ही जीवनस्पर्शी व संघर्ष से भरा अनुभव है, यह समय किसी भी स्त्री के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्युकी इस समय शरीर में होने वाले बदलाव आपको एक नए जीवन के आने के लिए तैयार करते है! प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोन्स के उतार चढ़ाव के कारण कई प्रकार की समस्या होने लगती है जैसे कि पैरो में सूजन ,कमर में दर्द व मसूड़ों में सूजन। प्रोजेस्ट्रॉन एक प्रेग्नेंसी हार्मोन है जिसके कारण मसूड़ों की बीमारी उत्पन्न होती है खासतौर पर प्रेग्नेंसी के दूसरे से आठवें महीने के बीच में। इस समय में होने वाले कुछ लक्षणों के बारे में आपको जागरूक होना आवश्यक है जो की इस प्रकार हैं  - मसूड़ों में सूजन - मसूड़ों में खुजली होना - ब्रश करने पर मसूड़ों से खून आना - मसूड़े के किसी भाग का बढ़ जाना या पस निकलना इसलिए मेरा सुझाव है कि जैसे ही आपको अपने गर्भ धारण का पता चले,आप अपने दंत चिकित्सक से एक रूटीन चेक अप अवश्य करवाए,जिस से दांतो में मौजूद कोई भी बीमारी का पता पहले ही चल सके! मेरी ...

Why my child teeth not started breaking at the age of 7 years?

 यदि आपके बच्चों के दांत समय पर नहीं टूट रहे हैं तो                                    क्या करना चाहिए आजकल के समाज में बच्चों के दांतो से जुड़ी हुई समस्याएं काफी ज्यादा गंभीर रूप धारण कर चुकी है बच्चों के दांतों में सड़न होना आजकल एक आम बात है और बच्चों के दांतो से जुड़ी हुई समस्या आजकल बहुत ज्यादा देखी जा रही है इन्हीं में से एक समस्या है बच्चों के दांतो का समय पर ना गिरना ,तो सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि दांतों के गिरने का सही समय या दांतो के निकलने का सही समय क्या है बच्चों के दूध के दांत 6 महीने के होने पर निकलना शुरू करते हैं और अधिक से अधिक 8 या 9 महीने तक दांत आना शुरू हो जाते हैं जो कि बच्चे के 2 या 3 साल के होने तक निकलते हैं ध्यान रखिए बच्चे के सभी दूध के दांत उसके दूसरे या तीसरे जन्मदिन से पहले पहले आ जाने चाहिए यदि दांत निकलने में कोई देरी है तो फिर आपको अपने दंत चिकित्सक से संपर्क अवश्य करना चाहिए बच्चे के पक्के दांत 6 से 7 वर्ष की आयु में निकलना शुरू होते हैं औ...