*सिर्फ इसलिए उम्र बढ़ने के साथ कमजोर होते हैं दांत*
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| वृद्ध जनो के लिए दांतो की देखभाल के उपाय |
बता रहे है डॉ स्पर्श निगम
वृद्धजन हमारे समाज का अभिन्न अंग है,उनका आदर व् देखभाल करना हम सबका कर्त्तव्य है ,इसी बात को ध्यान हुए आईये यह जानते है की उम्र बढ़ने के साथ दांत क्यों कमज़ोर होते है जिस से हम अपने वृद्धःजनो का ध्यान रख सके !
*सॉफ्ट ड्रिंक*
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| पेप्सी कोका कोला माज़ा स्प्राइट आदि में बहुत ज़्यादा मात्रा में चीनी होती है जो दांतो के लिए हानिकारक है |
आजकल लोग जितने शौक और स्वाद के साथ सॉफ्ट ड्रिंक का लुत्फ उठाते हैं शायद उन्हें ये नहीं पता होता कि ये हमारे दांतों के लिए दुश्मन के समान है। सॉफ्ट ड्रिंक में फॉस्फोरिक, सिट्रीक और टार्टरिक एसिड जैसे संक्षारक एसिड की मौजूदगी दांतों से मिनरल को दूर कर देता है। जिससे दांत कमजोर होते हैं।
*सप्लीमेंट और दवाईयां*
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| अत्यधिक दवाओं के सेवन से मुँह सूखने लगता है जिस से दांतो में सड़न की समस्या हो जाती है |
सप्लीमेंट और दवाईयां भी
दांतों के लिए अच्छे नहीं है। दवाओं में मौजूद तत्व मुंह में लार की मात्रा को कम कर मुंह में सूखापन का कारण बनते हैं। इसके अलावा दवाओं या सप्लीमेंट में विटामिन सी की मौजूदगी इन्हें अत्यधिक अम्लीय बनाती है, जो
इनमेल को नुकसान पहुंचा सकता है।
*खट्टी चीजें खासकर आचार*
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| लगभग सभी तरह के अचार और सॉस में एसिड का इस्तेमाल होता है जो दांतो को गला सकता है |
आचार के शौकीन आज ये बात जान लें कि खट्टा खाकर आप अपने
दांतों को कमजोर बना रहे हैं। कैंडी की अधिकांश किस्मों में एसिड होता है, लेकिन खट्टी कैंडीज में खट्टापन देने के लिए बहुत अधिक मात्रा में एसिड होता है। इसलिए इन कैंडी को खाने से बचें क्योंकि यह आपके
दांतों के इनमेल में बड़ी क्षति का कारण बन सकता है।
*मुंह में सूखापन*
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| सूखे मुँह के कारन खाना दांतो पर चिपका रह जाता है व् मसूड़े फूलने लगते है |
स्लाइवा मुंह के एसिड को दूर करने में मदद करता है। साथ ही साथ मुंह के पीएच संतुलन को भी बनाये रखता है। लेकिन मुंह में सूखापन या स्लाइवा (लार) के निम्न स्तर के कारण, आपके दांतों को एसिड से संरक्षित नहीं किया जा सकता।
*मीठी चीजें*
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| मीठा खाने के शौकीनों को रात में दांतो को साफ़ करने की आदत भी बना लेनी चाहिए |
मीठी चीजें सबसे ज्यादा
दांतों को नुकसान पहुंचाती हैं। अधिक मीठा या मिठाई खाने वाले लोगों के मुंह में अधिक बैक्टीरिया चला जाता है। बैक्टीरिया एसिड का उत्पादन कर
दांतों के इनमेल का नुकसान पहुंचाते हैं और नियमित रूप से
दांतों की सफाई न होने से स्थिति और भी बदतर हो जाती है।
दांतो की अधिकतर बीमारिया ठीक की जा सकती है यदि समय रहते उनका पता चल जाए ,लेकिन हम अपने जीवन व्यस्तता व् अन्य किसी कारणों से नियमित चेक अप नहीं करवा पाते है !
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| डॉ स्पर्श निगम श्री एस एस यादव (भूतपूर्व जज जिला व् सत्र न्यायलय फ़िरोज़ाबाद)के साथ |
इसलिए मेरा आपको सुझाव है की प्रति ६ महीने पर अपने दन्त चिकित्सक से एक रूटीन चेक अप अवश्य करवाए जिस से किसी भी बीमारी का पता जल्दी से जल्दी लगाया जा सके!
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| कॉल करे -7599118261 |
यदि आपके मन में कोई सवाल है या अपनी दन्त रोग समस्या सम्बन्धी कोई जानकारी आपको चाहिए तो कमेंट बॉक्स में लिखे ,मैं आपके सवालो का जवाब देने की पूरी कोशिश करूँगा !
डॉ स्पर्श निगम
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