*दांतों से न करें यह 10 खिलवाड़*
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| रगड़ रगड़ कर ब्रश करना दांतो को हानि पहुंचाता है |
1.रेग्युलर चेकअप से परहेज
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| हर 6 महीने में दन्त चिकित्सक से अवशय मिले |
नियमित रूप से अपने दांतों का चेकअप करना दांतों की देखभाल के लिए बहुत जरूरी है। आपको अपने दांतों में दर्द, सड़न, सेंसिटिविटी होने तक का इंतज़ार नहीं करना चाहिए
2. परेशानी को भूल जाना
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| इलाज बीच में छोड़ना बहुत बड़ी समस्या बन सकता है! |
किसी भी परेशानी को जरा आराम मिलते ही भूल जाना दांतों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। फॉलोअप यानी जांच , इलाज के बाद और बीच में बहुत जरूरी होती हैं, आपका ट्रीटमेंट कुछ भी हो लेकिन अगर डेंटिस्ट ने आपको फिर से चेकअप के लिए कहा है तो जरूर कराएं। खासतौर पर अगर रूट कैनाल, दांत निकलवाना. मसूड़ों की सर्जरी जैसी स्थिति में घाव भरते और कंडिशन के पूरी तरह से नॉर्मल होते वक्त लगता है इसलिए रेग्युलर फॉलोअप करें।
3.खुद बने दांत का डॉक्टर
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| घरेलु नुस्खे दांत ख़राब ही करते है ! |
किसी भी दवा के बिना डॉक्टरी सलाह के लेना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए जब भी आपको दांत, मुंह या शरीर के किसी अन्य हिस्से में कोई परेशानी महसूस हो तो डॉक्टर के पास जाएं न कि पुराने नुस्खों को ही आजमाएं।
4.पहले का इलाज हुआ पुराना
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| आपके दांतो के पुराने एक्स रे ज़रूर लेकर आये |
अगर दांतों का इलाज कराने जाने से पहले इस बात को अपने डेंटिस्ट को बताएं कि आपका पहले किस-किस बीमारी में क्या इलाज हो चुका है। इसके अलावा अगर आप कोई दवाई खा रहे हैं या लंबे वक्त तक खाते रहे हैं तो उसके बारे में भी बताएं। अगर किसी दवा से अलर्जी या रिएक्शन है तो डेंटिस्ट को बताएं।
5.फर्राटा सफाई
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| बर्तनो की दांत को मांजना दांतो को घिस देता है ! |
कुछ लोगों को दिन में 2 बार दांतों की सफाई झंझट लगती है। हालांकि दांतों को हेल्थी बनाए रखने के लिए जरूरी है कि दांतों को 2 से 3 बार कायदे से साफ किया जाए। एक बात ध्यान रखें कि दांतों को ज्यादा बार और तेज ब्रश करने से दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल कमजोर हो जाती है।
6.डेंटल फ्लॉस और एंटीसेप्टिक माउथवॉश
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| खाना खाने के बाद माउथवाश ज़रूर करना चाहिए ! |
ब्रशिंग के साथ माउथवॉश और फ्लॉसिंग भी जरूरी हैं । आपके दांतों के बीच में जो खाना फंसता है वो दांतों की सड़न और मसूड़ों के इंफेक्शन का एक बड़ा कारण होता हैं। इसलिए स्वस्थ मसूड़ों और दांतों के लिए डेंटल फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल दांतों के बीच की जगह को साफ़ रखने के लिए किया जाता है। मुंह के कीटाणुरहित रखने के लिए रात में सोने से पहले एंटीसेप्टिक माउथवॉश से एक बार कुल्ला कर लेना चाहिए।
7.जंक फूड की ओवर डोज
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| मीठे व् चिपचिपे खाद्य पदार्थ दांतो में सड़न पैदा कर देते है ! |
मार्केट में मिलने वाले कई प्रॉडक्ट्स आपके दांतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जैसे ज्यादा मात्रा में सोडा , कोल्ड ड्रिंक आदि पीना दांतों के लिए नुकसानदायक साबित ह सकता है। इन्हें ज्यादा लेने से दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचता है और दांत सेंसेटिव हो जाते हैं जिससे कुछ भी गर्म-ठंडा दांतों में लगने लगता है।
8. हरी सब्जियों और फल न खाना
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| हरी सब्ज़िया और फल खाना दांतो के लाभदायक है |
हरी सब्जियां और फल दोनों ही आपके शरीर के साथ दांतों के लिए भी बहुत जरूरी होते हैं। इन्हें लेने से जरूरी विटामिन शरीर को मिलते हैं जो दांतों के लिए भी जरुरी हैं। विटामिन C और विटामिन D दोनों ही दांतों के लिए बहुत फायदेमेंद हैं। विटामिन C स्वस्थ्य मसूड़ों के लिए जरुरी हैं। विटामिन D आपकी हडिड्यों और दांतों के लिए जरूरी है।
9.तंबाकू का नशा
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| पान मसाला तम्बाकू बीड़ी सिगरेट दांतो और मुँह के लिए ज़हर के समान है ! |
तंबाकू को किसी भी तरह लेने से (बीड़ी ,सिगरेट,जर्दा आदि) हेल्थ के साथ-साथ दांतों और मसूड़ों को नुकसाना पहुंच सकता है। दांतों से जुड़े मसूड़ों को कमजोर करता हैं । तंबाकू को किसी भी तरीके से लेने पर दांतों पर भूरी, लाल ,पीली परत जमा हो जाती है।
10.कुछ बुरी आदतें
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| नाख़ून चबाना,बोतल के ढक्कन खोलना ,सुई या पिन से दांत कुरेदना ख़राब आदते है ! |
कुछ अनचाही आदतें जेसे रात को सोते वक्त दांतों का कटकटाना, मुंह में पेंसिल या पिन को लागतार चबाते रहना, बर्फ चबाना आदि दांतों पर अधिक दवाब डालते हैं । इसलिए अगर आपको रात में ही दांतों को कटकटाने की आदत है तो डेंटिस्ट से सलाह लेकर रात को पहने जाने वाले माउथगार्ड बनवा सकते हैं। इसी तरह अगर स्विमिंग करते हैं तो माउथगार्ड दांतों को पानी में मिली क्लोरिन से बचाता है। क्लोरीन के असर से दांतों का रंग पीला पड़ता है और इनेमल का भी नुकसान होता है।
यदि आपके मन में कोई सवाल है या अपनी दन्त समस्या सम्बन्धी कोई जानकारी आपको चाहिए तो कमेंट बॉक्स में लिखे,मैं आपके सवालो का जवाब देने की पूरी कोशिश करूँगा!
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